Details, Fiction and Sad Shayari in Hindi

मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…

मगर तुम्हारी छाँव में अब लौट कर नहीं आना…

उसकी खामोशी ही उसकी सबसे बड़ी पुकार है,

क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।

शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,

सिर्फ़ यादों के सहारे ही जिया करते हैं।

खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,

और एक हमारा प्‍यार है जिसे आप अपने दिल में जगह नही देती।

डूब जाते है आँखों में ख्वाबो के सभी जहाज,

आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता

अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।

दर्द जब बढ़ जाता है तो चेहरे भी बदल जाते हैं।

कहो तो भेज दू Sad Shayari in Hindi अपना दिल फिर से दुखाने को।

कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।

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